यह पेज टाइमर को पहले से 25 मिनट पर सेट करके खुलता है। शुरू करें या स्पेसबार दबाते ही टाइमर चल पड़ता है; समय पूरा होने पर अलार्म बजता है और डिस्क झपकती है। डिस्क खींचकर कोई और समय भी चुन सकते हैं।
परीक्षा की तैयारी में एक पोमोडोरो
फ़्रांचेस्को चिरिलो ने 1980 के दशक में पोमोडोरो तकनीक बनाई। ड्यूक यूनिवर्सिटी का स्टडी गाइड इसके मूल चक्र को 25 मिनट काम और उसके बाद 5 मिनट ब्रेक के रूप में बताता है।
- NCERT की किताब का एक हिस्सा चुनें, जैसे एक अध्याय के अभ्यास-प्रश्न।
- राउंड चलते समय फ़ोन उल्टा करके रख दें और उसकी सूचनाएँ बंद कर दें।
- अलार्म के बाद एक पंक्ति में लिखें कि राउंड में क्या पूरा हुआ, फिर ब्रेक लें।
एक राउंड या पूरा सेट
यह पेज 25 मिनट एक बार गिनकर रुक जाता है। पोमोडोरो टैब पूरा चक्र चलाता है: 25 मिनट फ़ोकस, 5 मिनट छोटा ब्रेक, और हर चौथे राउंड के बाद 15 मिनट का लंबा ब्रेक।
पूरा हुआ हर फ़ोकस राउंड आज के कुल समय में जुड़ता है, इसलिए शाम को दिख जाता है कि दिन में कितने राउंड हुए।
25 मिनट की डिस्क कैसे पढ़ें
25 मिनट 12 से 25 के अंक तक जाते हैं, जो दीवार घड़ी में 5 बजे की जगह है, यानी आधी डिस्क से ठीक एक अंक कम। किनारा 15 पर आए तो दस मिनट बचे हैं।
25 मिनट टाइमर पर सवाल
एक दिन में कितने पोमोडोरो करूँ?
कोई तय संख्या नहीं है। ड्यूक का गाइड चार राउंड के बाद लंबा ब्रेक रखता है, इसलिए शुरुआत में चार राउंड का एक सेट अच्छा लक्ष्य है।
क्या पोमोडोरो की लंबाइयाँ बदल सकते हैं?
हाँ। फ़ोकस 1 से 120 मिनट, छोटा ब्रेक 1 से 60, लंबा ब्रेक 1 से 90 मिनट, और लंबा ब्रेक हर 2 से 8 राउंड पर रखा जा सकता है।
25 मिनट बहुत लंबे लगें तो?
कुछ दिन 15 मिनट टाइमर से अभ्यास करें, फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएँ। पोमोडोरो टैब में फ़ोकस की लंबाई कभी भी बदली जा सकती है।